किसी कारण बस अगर धीरे चल रहा है आपका WiFi कनेक्शन? तो तुरंत फॉलो करें ये आसान टिप्स और देखे परिणाम।

अगर आपका वाईफाई कनेक्शन स्लो हो रहा है या डेटा जल्दी खत्म हो रहा है, तो हो सकता है कि कोई अनजान लोग आपका वाईफाई इस्तेमाल कर रहे हों. आइए देखें कि इसका कैसे पता लगाया जा सकता है.

आज के समय में बिना इंटरनेट के काम करना बेहद मुश्किल हो गया है. ऑनलाइन के इस जमाने में पढ़ाई और काम से लेकर शॉपिंग और खाने-पीने तक, सभी से जुड़ा है हमारा स्मार्टफोन और इंटरनेट. आम तौर पर हमारे रिचार्ज प्लान्स में डेटा मिलता है लेकिन लोगों की कोशिश रहती है कि वो अपने घरों में इंटरनेट के लिए वाईफाई का इस्तेमाल करें.

अगर आपके घर में भी वाईफाई लगा हुआ है लेकिन वो बार-बार स्लो हो जाता है तो हम आपको बताते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हो सकता है और इसका ध्यान आप कैसे रख सकते हैं..

बार-बार स्लो क्यों हो रहा है आपका WiFi

तेज कनेक्शन और ज्यादा डेटा के पैसे भरने के बाद भी अगर आपका वाईफाई कनेक्शन घड़ी-घड़ी स्लो हो रहा है तो इसके पीछे एक बहुत बड़ी बात हो सकती है.

कई बार ऐसा होता है कि आपके घर में लगे वाईफाई का कनेक्शन इतना स्ट्रॉंग होता है कि आपके आस-पास के घरों में रहने वाले लोग भी आप ही का वाईफाई इस्तेमाल करने लगते हैं. अगर ऐसा होता है तो यह बात लाजमी है कि आपका वाईफाई स्लो हो.

ऐसे लगाएं अनजान कनेक्शन्स का पता

अगर आप सोच रहे हैं कि आप इस बात का पता कैसे लगा सकते हैं कि आपके वाईफाई को और किस-किसने जॉइन किया है तो आइए हम आपकी इस समस्या को हल करते हैं. आपके वाईफाई से जुड़ा हर डिवाइस एक अलग आईपी और मैक अड्रेस के साथ आता है जिसे ओनर ने एक अलग नाम भी दिया हो सकता है.

इसका पता आप अपने राउटर की सेटिंग्स में जाकर लगा सकते हैं. अगर आपको वहां कुछ ऐसे नाम दिखते हैं जिससे आप परिचित नहीं हैं, आपको पता चल जाएगा कि आपके वाईफाई को कौन-कौन इस्तेमाल कर रहा है.

रखें इन जरूरी बातों का ध्यान

अब हम आपको कुछ ऐसी जरूरी बातें बताने जा रहे हैं जिनका ध्यान रखकर आप अपने वाईफाई को प्राइवेट और सिक्योर रख सकते हैं.

सबसे पहले अपने घर के वाईफाई को एक मुश्किल पासवर्ड से प्रोटेक्ट करें. ऐसा पासवर्ड होना चाहिए जो आपको याद रहे और साथ ही, मुश्किल भी हो. राउटर के लॉग-इन आईडी और पासवर्ड को बदल दें.

‘root’ और ‘admin’ जैसे आम शब्दों को वाईफाई राउटर निर्माता फीड कर देते हैं लेकिन ये काफी आसान और आम हैं, इसलिए इन्हें समय-समय पर बदलते रहें. राउटर के एसएसआईडी को छुपायें और इंटरनेट मानॉटरिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें.     

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