रेल टिकट:- आरक्षण हो या जनरल अब किसी को नहीं करनी होगी बुकिंग काउंटर पर मारामारी,

अब ट्रेनों के आरक्षण या फिर जनरल टिकट लेने के लिए मारामारी नहीं करनी पड़ेगी, इसके लिए रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, रेलवे फिर से पुरानी व्यवस्था शुरू करने जा रहा है, रेलवे की फिर से यात्री सुविधा केंद्र खोलने की योजना है, भागलपुर सहित पूर्व रेलवे के सभी प्रमुख शहरों में जल्द यात्री सुविधा केंद्र शुरू करने योजना है,

ई-आरक्षण टिकट लेने पर यात्रियों को ट्रेन के किराया के अलावा 30 रुपये अतिरिक्त और जीएसटी देना पड़ता है, एक टिकट लेने पर यात्रियों के 50 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, वेटिंग टिकट के कंफर्म नहीं होने पर स्वत: टिकट निरस्त हो जाता है और स्लीपर क्लास के टिकट पर 30 रुपये की कटौती हो जाती है,

यानी बिना यात्रा किए ही यात्रियों को 80 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, इसलिए यात्री रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर से टिकट लेना पसंद करते हैं, क्योंकि काउंटर से टिकट लेने पर जीएसटी व अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता है, वेटिंग टिकट पर यात्री ट्रेन में सफर कर सकते हैं, जबकि ई-टिकट वाले यात्रा नहीं कर सकते, रेलवे जनरल टिकट की बिक्री के लिए पहले से ही जनसाधारण बुङ्क्षकग टिकट सेवक (जेटीबीएस) काउंटर की व्यवस्था की गई थी,

रेलवे के अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सहूलियत के लिए फिर पुरानी व्यवस्था शुरू की जा रही है, भागलपुर सहित सभी प्रमुख शहरों में शहर के मुख्य जगहों में इस व्यवस्था के तहत लोगों को घर के पास ही या बाजार में भी टिकट मिलेंगे, लोगों की सहूलियत के लिए रेलवे फिर से पुरानी व्यवस्था शुरू करते हुए यात्री सुविधा केंद्र खोलने जा रहा है,

रेलवे टिकट काउंटर निजी व्यक्तियों द्वारा से संचालित किया जाना है, एक आरक्षण टिकट बनाने पर रेलवे की ओर से उन्हें 30 रुपये का कमीशन दिया जाएगा। प्रथम चरण में स्टेशन की तरह आरक्षण टिकट मिलेगा, जनरल टिकट लेने पर दो रुपये अतिरिक्त देने होंगे, दूसरे चरण में यहां पार्सल बुकिंग करने की सुविधा भी मिलेगी। यह सुविधा सभी शहरों में शुरू की जानी है,

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