बिना रुके बिना थके 40 वर्षों से इस मंदिर में चल रहा रामायण पाठ, 1 साल की है एडवांस बुकिंग

कटिहार के यज्ञशाला मंदिर को लेकर एक अद्भुत कहानी है. यहां मथुरा से आए एक बाबा ने रामायण का पाठ शुरू किया था. वह तो बाद में चले गए, लेकिन उनके जाने के बावजूद भी यह सिलसिला लगातार जारी रहा. यहां पूजा-पाठ की विधि काशी के 5 पंडितों द्वारा किया जाता है.

कटिहार. आपने रामायण पाठ से जुड़ी खबरें पढ़ी होंगी. आपके पास-पड़ोस में भी रामायण का पाठ होता होगा, लेकिन क्‍या आपने लगातार 40 वर्षों से नॉनस्‍टॉप रामायण का पाठ होते हुए कभी देखा या सुना है? जी हां! आने सही पढ़ा…लगातार 4 दशक से बिना रुके और बिना थके रामायण का पाठ. कटिहार के एक मंदिर में ऐसा हो रहा है. कटिहार स्थित यज्ञशाला मंदिर में पिछले 40 वर्षों से नॉनस्‍टॉप रामायण का पाठ हो रहा है. आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि इस मंदिर में रामायण पाठ करवाने के लिए अगल 12 महीनों के लिए एडवांस बुकिंग भी हो चुकी है. यह आस्‍था की अद्भुत कहानी है.

जानकारी के अनुसार, कटिहार के बड़ी बाजार यज्ञशाला मंदिर में पिछले 40 सालों से अखंड दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ नॉनस्टॉप रामायण का पाठ जारी है. एक भी पल बिना रुके रामायण पाठ के प्रारंभ होने की कहानी बेहद रोचक है. पहले इस मंदिर में एक वट वृक्ष के नीचे बजरंगबली का स्थान था. मथुरा से आए एक बाबा (जिसे स्थानीय लोग मौनी बाबा के नाम से जानते थे) ने यहां रामायण पाठ शुरू करवाया. बाबा के बारे में आज भी चर्चा यह है कि वह जमीन पर न सोते थे और न ही बैठते थे. वह रात्रि विश्राम भी रस्सी पर ही करते थे. एक महीना बाद बाबा तो कहीं और चले गए, लेकिन उनके द्वारा शुरू किया गया रामायण पाठ 15 दिसंबर 1982 से कमेटी के लोगों ने संभाल लिया. उस वक्‍त से आज तक एक पल के लिए भी रामायण पाठ नहीं रुका है. 24 घंटे रामायण पाठ के लिए अब तो जुलाई 2023 तक एडवांस बुकिंग हो चुकी है.

मंदिर आयोजन समिति से जुड़े विनोद अग्रवाल कहते हैं कि इस व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए काशी के 5 पंडित भी रखे गए हैं. वैसे कोई भी महिला या पुरुष कमेटी के अनुमति लेकर रामायण पाठ में भाग ले सकते हैं. जहां तक बुकिंग का सवाल है तो देश-दुनिया के लोग 1100 रुपए दान देकर 24 घंटा के रामायण पाठ की बुकिंग उनके नाम पर करवा सकते हैं.

विनोद अग्रवाल बताते हैं कि संबंधित व्‍यक्ति द्वारा करवाए गए रामायण पाठ की बुकिंग की जानकारी 10 दिन पहले कमेटी द्वारा उनको दे दी जाती है. कटिहार यज्ञशाला मंदिर परिसर में बजरंगबली के साथ ही भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण के साथ ही कई अन्‍य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्‍थापित हैं. यज्ञशाला मंदिर को लेकर देश-दुनिया के लोगों में गहरी आस्‍था है.

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