मोदी सरकार के ड्रीम प्रॉजेक्ट में नीतीश सरकार फिसड्डी, CAG की रिपोर्ट में खुलासा; बेकार पड़े हैं अरबों रुपए

गंगा की सफाई के लिए शुरू किए गए नमामि गंगे प्रॉजेक्ट के तहत पटना में सीवरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। अरबों रुपए बैंक में पड़े रहे, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं हुआ।

गंगा की सफाई के लिए केंद्र सरकार की ‘नमामि गंगे योजना’ में बिहार सरकार फिसड्डी साबित हुई है। नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिहार सरकार ने फंड के बड़े हिस्से का अब तक इस्तेमाल ही नहीं किया है। राजधानी पटना में सीवरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए यह पैसा आवंटित किया गया था।

बिहार विधानसभा में हाल ही में रखे गए सीएजी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना के तहत चार वित्त वर्ष में 684 करोड़ रुपए का इस्तेमाल करना था, लेकिन बिहार स्टेट गंगा रिवर कान्सर्वेशन एंड प्रोग्राम मैनेजमेंट सोसायटी (बीजीसीएमएस) की ओर से इसका इस्तेमाल नहीं किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है, ”ऑडिट से पता चला कि 2016-17 से 2019-20 के बीच केवल 16 से 50 फीसदी फंड का ही इस्तेमाल किया गया। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने पिछले फंड का इस्तेमाल सुनिश्चित किए बिना अगली किस्त जारी कर दी, जिससे बीजीसीएमएस के सेविंग अकाउंट में 683.10 करोड़ रुपए बेकार पड़े रहे।”

यह भी कहा गया है कि पूर्वा भारत में कोलकाता के बाद दूसरे सबसे बड़े शहरी क्षेत्र पटना में ड्रेनेज सिस्टम 200 साल पुराना है और अब यह बेहद खराब स्थिति में है। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है, ”बिहार में सीवरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर (पटना समेत) की कमी की वजह से 2016-17 में मेक्सिमम टोटल कोलीफॉर्म (टीसी) और फीकल कोलीफॉर्म (FC) का स्तर 9000 mpn/100 एमएल और 3100 mpn/100 एमएल से बढ़कर 2019-20 में बढ़कर 160,000 MPN/100 एमएल (TC और FC) हो गया। यह बताता है कि किस तरह पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि परियोजना की कार्यकारी एजेंसी बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीयूआईडीसीओ) समय पर काम पूरा करने में विफल रही। सीएजी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए गंगा समग्र के दक्षिण बिहार संयोजक शंभुनाथ पांडे ने कहा, ”गंगा और इसकी सहायक नदियां भारतीय सभ्यता के भौतिक और आध्यात्मिक निर्वाह का स्रोत रही है। उसकी बेहतरी प्रमुख राष्ट्रीय चिंता का विषय है। मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।” गंगा समग्र गंगा सफाई के लिए आम लोगों को जागरूक करने में शामिल है। 

बिहार के उपमुख्यमंत्री और अर्बन डिवलेपमेंट एंड हाउजिंग डिपार्टमेंट संभालने वाले तारकिशोर प्रसाद से कई बार संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वह प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। बीयूआईडीसीओ के एमडी धर्मेंद्र सिंह ने कहा, ”मुझे सीएजी की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन हम हम सभी एसटीपी के निर्माण और मजबूतीकरण का काम जल्द पूरा करेंगे।

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