मुकेश सहनी को जन्मदिन के महीने में मिले बैक टू बैक तीन झटके, इंटरनेट मीडिया की तस्वीर भी बदली

विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का आज जन्मदिन है। लेकिन इस बार उनके जन्मदिन से पहले कई ऐसे राजनीतिक घटनाएं घटी जिसने मुकेश सहनी को आर्श से फर्श पर ला दिया। या यूं कहेंं कि बीजेपी से पंगा लेना उन्हें भारी पड़ गया।

पटना। बिहार के पूर्व पशुपालन एवं मत्‍स्‍य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) का आज जन्मदिन है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) प्रमुख साहनी के लिए इस बार मार्च का महीना सुखद नहीं रहा। पहले यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार मिली फिर बिहार में वीआइपी के तीन विधायकों ने पलटी मारते हुए सहनी का साथ छोड़ दिया। रही सही कसर भाजपा ने पूरी कर दी और उत्तर प्रदेश का बदला लेते हुए बिहार में उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करवा दिया। निषादों का झंडा बुलंद करते हुए फूलन देवी की तस्वीर अपने इंटरनेट मीडिया प्रोफाइलों में इस्तेमाल करने वाले साहनी अब खुदका फोटो लगाकर नए रास्ते पर चल पड़े हैं।

सहनी को झटका मिलने की शुरुआत उत्तर प्रदेश से हुई। काफी कोशिशों के बावजूद भाजपा ने विधानसभा चुनाव में गठबंधन के लिए विकासशील इंसान पार्टी को तरजीह नहीं दी। निषादों की हक की बात करने वाले सहनी अपने दम पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतर गए। सहनी खुद तो चुनाव नहीं लड़े पर कई सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे। चुनावी सभाओं के दौरान वह जीतने का दम भरते हुए सरकार में आने पर निषादों की बेहतरी की बात करते रहे। दस मार्च को यूपी विधानसभा चुनाव के रिजल्ट ने सहनी को पहला बड़ा झटका दिया। सहनी की विकासशील इंसान पार्टी सभी सीटों पर चुनाव हारी भी और सारे प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई। इसी महीने की 23 तारीख को वीआइपी के तीन विधायकों ने उनका साथ छोड़ गए। राजू सिंह, मिश्री लाल और सवर्णा सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम के बाद से जो अटकलें लगाई जा रही थीं वो 27 मार्च को सही हुई। भाजपा के कहने पर 496 दिन तक बिहार सरकार में पशुपालन एवं मत्‍स्‍य संसाधन मंत्री रहे सहनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.