पटना से चलेंगी तीन जोड़ी सवारी गाड़ियां, इन शहरों तक जाना और आना हो जाएगा आसान

कोरोना संक्रमण के दौर में यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए रेलवे अगले सप्ताह से दानापुर मंडल में तीन जोड़ी सवारी गाड़ियों का परिचालन करने जा रहा है। जोनल मुख्यालय स्तर से राज्य सरकार से सवारी गाडिय़ों को चलाने की अनुमति मांगी गई है। उम्मीद की जा रही कि अगले माह के पहले सप्ताह में ही राज्य सरकार से सहमति मिल जाएगी। पहले चरण में पटना से बक्सर, पटना से किउल व पटना-गया रेलखंड पर सवारी गाडिय़ों का परिचालन शुरू हो सकता है। 

नहीं होगी दैनिक यात्रियों को असुविधा

मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार ने शुक्रवार को बताया, दैनिक यात्रियों की असुविधा को देखते हुए अगले सप्ताह से तीन सवारी गाड़ियों का परिचालन शुरू होने की संभावना है। साथ ही लंबी दूरी की 10 जोड़ी ट्रेनें भी अगले माह से चलने की उम्मीद है। लंबी दूरी की ट्रेनों में मुंबई व दिल्ली के साथ हावड़ा की ट्रेनें शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए संबंधित राज्यों से अनुमति मांगी गई है। 

खाली जमीन पर लगेंगी सोलर प्लेट

दूसरी ओर, वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक आधार राज ने बताया, दानापुर मंडल की ओर से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काफी काम किया जा रहा है। अभी सोलर प्लांट से 1.75 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। डीडीयू से झाझा के बीच 400 किमी तक रेलवे ट्रैक के दोनों किनारों पर रेलवे की ओर से खाली पड़ी जमीन पर सोलर प्लेट लगाकर बिजली उत्पादन करने की योजना है। इसे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंडल के कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, दानापुर व किउल में हुए आरआरआइ के कारण टे्रनों के समय पालन में सुधार हुआ है। समय पालन 97 फीसद तक पहुंच गया है। मंडल के सारे स्टेशनों पर ऐतिहासिक धरोहरों को उकेरने की कोशिश की गई है। 

गुड्स शेड का किया जा रहा निर्माण

एडीआरएम अरविंद कुमार रजक ने कहा, वारिसलीगंज व जमुई में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस गुड्स शेड बनाया जा रहा है। स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए 12 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्टेशनों पर 150 स्टॉल लगाए गए हैं और 25 फूड प्लाजा खोले गए हैं। फूड सेफ्टी पर पूरे मंडल में सेमिनार कराए जा रहे हैं। पोटा शौचालय (प्लास्टिक निर्मित टॉयलेट) लगाने का काम तेजी से चल रहा है।