100 रुपये नहीं देने पर निगम कर्मियों ने मासूम का ठेला पलटा, अब प्रशासन को लेना पड़ा ये फैसला

मध्यप्रदेश के इंदौर के पिपलियहाना चौराहे पर नगर निगम ने अंडे का ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले एक बच्चे पर अपना कहर ठाया. बताया जा रहा है कि नगर निगम के कर्मचारियों ने कथित तौर पर रोजी-रोटी के लिए अंडे का ठेला लगाने वाले बच्चे के अण्डों से भरे ठेले को बेरहमी से पलट दिया जिससे उसके सारे अंडे टूट गए और उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा. इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं.

वायरल वीडियो में बच्चे ने नगर निगम के कर्मचारियों पर कई आरोप लगाए हैं. बच्चे ने कहा कि वो सुबह से जहां पर ठेला लगाए हुआ था. लेकिन इसी बीच नगर निगम वालों की टीम गाड़ी लेकर आ गई और कहा कि यहां से ठेला हटा लें नहीं तो जब्त कर लेंगे.

बच्चे का यह वीडियो तेजी से अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि नगर निगम की टीम कोरोना वायरस के चलते अवैध ठेले हटा’ने की कार्रवाई करने निकली थी.

सख़्ती के साथ यह कार्रवाई करने के लिए निगम ने रिमूवल विभाग की दो टीमें बनाई. वायरल हो रही यह घटना एक मात्र नहीं हैं बल्कि इंदौर में कई जगहों से इसी तरह की विचलित कर देने वाली खबरें सामने आई हैं.

इसी तरह की कार्रवाई रामबाग क्षेत्र में भी देखने को मिली हैं. यहां पर पेट्रोल पंप के सामने एक शख्स नारियल पानी का ठेला लगाए हुआ था. जैसे ही टीम ने उसे देखा उस पर जब्ती की कार्रवाई करने के लिए टीम उसका पास जा पहुंची. जैसे ही उन्होंने कार्रवाई शुरू की ठेले वाला फूट-फूट कर रोने लगा लेकिन अधिकारीयों ने एक नहीं सुनी.

इसी तरह की घटना मॉलवा मिल चौराहे पर देखने को मिली. जहां पर नगर निगम ने सब्जी और फल बेचने वालों को खदेड़ा. इसी दौरान एक फल और सब्ज़ी बेचने वाली महिला ने जब शासन और प्रशासन द्वारा कोरोना की रोकथाम के लिए की जा रही व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए तो उसका जवाब किसी के पास नहीं था.

नगर निगम कर्मियों द्वारा मासूम बच्चे के अंडे के ठेले को पलटने की घटना के बाद राज्य में न केवल कांग्रेस बल्कि भाजपा में भी खासा नाराजगी है. इस घटना को लेकर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया ने सीएम को पत्र लिखा. जिसके बाद नगर निगम इंदौर द्वारा शहर में ठेला जब्ती पर रोक लगा दी गई.

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