बिहार में लॉकडाउन रिटर्न का पॉजीटिव इफेक्ट, अब सांस लेने लायक बनी पटना की हवा

राजधानी में पिछले दिनों हुई बारिश व दोबारा लॉकडाउन लगने से वायु प्रदूषण नियंत्रण में है. 5 जुलाई से अब तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 5266 के बीच दर्ज किया जा रहा है जो संतोषजनक स्थिति में है. शुक्रवार को शाम साढे 4:30 बजे शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 66 दर्ज किया गया. हालांकि एक और एक और 2 जुलाई को पटना की हवा खराब स्थिति में पहुंच गई थी.

एयर क्वालिटी 116 और 110 दर्ज किया गया है लेकिन इसके बाद बारिश हो गई और फिर लॉक डाउन लग गया. इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर काफी नीचे आ गया है और आबोहवा सांस लेने लायक बन गई है. आपको बता दें कि बहुत दिनों के बाद वातावरम साफ दिख रहा है. ऐसा मौका लॉकडाउन-1 औ लॉकडाउन-2 के दौरान भी देखा गया था. उस वक्त सबकुछ बंद रहने के कारण हवा गुणवत्ता ठीक हो गई थी.

अनलॉक शुरू होते ही वायू प्रदूषण बढ़ गया था वायु प्रदूषण 1 जून से अनलॉक शुरू होते ही सड़कों पर लोग निकलने लगे निजी वाहनों की संख्या बढ़ गई और औद्योगिक व मानव गतिविधियां चालू हो गई.इन गतिविधियों की वजह से पटना की हवा में धूल कण की मात्रा बढ़ने लगी. यही कारण है कि जून में अधिकतर दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 107 से 150 तक दर्ज किया गया. जो मानक के अनुसार खराब स्थिति है. 

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के वैज्ञानिक बताते हैं कि पटना की हवा सबसे अधिक धूल कण की वजह से प्रदूषित होती है. लेकिन बारिश होने से मिट्टी गीली हो गई और धूल कम उड़ रहे हैं.आपको बता दें कि शहर में पांच चौकों पर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीनें लगाई गई हैं. ताकि 24 घंटे हवा की गुणवत्ता पर निगरानी की जा सके. इसके अनुसार इलाके की हवा सबसे अधिक प्रदूषित है, जबकि राजवंशी नगर की हवा साफ है

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