बिहार में जिसका डर था वही हुआ, पटना में कोरो’ना की स्थिति नियंत्रण से बाहर, नीतीश सरकार ने मानी हार?

जिसका डर था वही हुआ राजधानी पटना में कोरोना की स्थिति नियंत्रण से बाहर निकलते जा रहा है । सरकार के सारे मशीनरी एक एक करके हाथ खड़े करते जा रहे हैं पीएमसीएच ,एनएमसीएच और आरएमआरआई का लैब संक्रमित हो गया है जिस वजह से फिलहाल तीन दिनों तक कोरोना का टेस्ट संभव नहीं है।

वही एम्स बिना टेस्ट रिपोर्ट के भर्ती लेने को तैयार नहीं है। दो दिनों के टेस्ट रिपोर्ट का विश्लेषण करे तो पटना में सौ में 20 से 30व्यक्ति कोरोना पांजिटिव पाये जा रहे हैं।

हालत यह है कि राजधानी के हर मुहल्ले में कोरोना दस्तक दे चुका है जितने लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है उससे 10 गुना लोग घर में ठीक होने का इंतजार कर रहा हैं।

एम्स और एनएमसीएच हाथ खड़ा कर दिया है ।एम्स जहां इलाज का बेहतर व्यवस्था है वहां बिहार सरकार के दो दो मंत्री भाजपा के कई विधायक ,नेता और ब्यूरोक्रेट भर्ती है वीआईपी छोड़कर बहुत कम समान्य मरीज़ों का एम्स में इलाज चल रहा है।

पटना स्थिति आइसोलेशन सेंटर पाटिलीपुत्रा स्टेडियम औऱ पाटिलापुत्रा अशोक होटल में एक भी बेड खाली नहीं है यही स्थिति अन्य आइसोलेशन सेंटर का भी है ।इसी बीच आज किसी अखबार ने खबर छाप दिया है कि कोरोना को लेकर इंदौर और पटना शहर का हाल देश में सबसे बूरा है सुबह से सरकार इस खबर को लेकर परेशान है, बात भी सही है बिहार में कभी भी लगा ही नहीं कि कोरोना को लेकर सरकार संवेदनशील है।

1– सरकार खुद डरी हुई है
जी है बिहार में कोरोना से राज्य की जनता से ज्यादा सरकार ही डरी हुई है जब से कोरोना कि बात चलनी शुरु हुई सारे सीनियर अधिकारी, मंत्री और मुख्यमंत्री सबके सब आइसोलेट हो गये हैं।
पूरी सरकार मार्च से ही भीसी पर चल रही है इसका असर फिल्ड में काम करने वाले अधिकारी औऱ डाँ पर बहुत बुरा पड़ा है वही काम चोर अधिकारी के लिए बल्ले बल्ले है।

कल ही बिहार के एक जिले का डीएम अपने पूरे खानदान का कोरोना टेस्ट कराया जब कि खुद जिले में टेस्ट कम से कम हो इसके लिए जो कोरोना वाँरियर में भी अगर कोई लक्षण है तो उसका टेस्ट जिले में गठित टीम के अनुमति के बगैर नहीं करना है।
ऐसा ही हाल बिहार के बहुत सारे जिले का है जहां सीनियर अधिकारी खुद डरे हुए हैं ।स्वास्थ्य मंत्री तो अभी यंग है फिर भी पूरे कोरोना काल में एक दिन भी बाहर नहीं निकले हैं सारा कुछ भीसी से ही चल रहा है ।

वही दूसरी औऱ इस सरकार के साथ एक बड़ी समस्या है अखबार को ही मीडिया समझते हैं जबकि इस सरकार को जब कभी फ़ज़ीहत झेलनी पड़ी है तो भिजुउल मीडिया ही कारण रहा है फिर भी पता नहीं क्यों सुधार नहीं हो रहा है ।

2–सरकार रोज शाम 5 बजे मीडिया को ब्रीफ करे –अभी हो क्या रहा है सूचना विभाग के सचिव ,पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी रोजोना मीडिया को एक लिंक के सहारे ब्रीफ करते है कोई सवाल हो तो दो घंटा पहले मेल करिए फिर आपको जबाव मिलेगा ।
इसकी कोई जरुरत नहीं है सरकार रोज शाम 5 बजे ब्रीफ करे मीडिया को लाइव करने कि अनुमति दे। डरना क्या है हर मीडिया हाउस के पास ऐसी सामग्री है कि अधिकारी औऱ मीडिया वाले के बीच कोरोना चाह करके भी नहीं पहुंच पायेगा। ब्रीफ पूरी तौर पर कोरोन को लेकर केन्द्रीत रहे कहां कहां आइसोलेशन सेंटर चल रहा है क्या सुविधा है कितनी बेड खाली है ।

अस्पताल का क्या हाल है कहां कहां टेस्ट करा सकते हैं बस काफी है इतना। कितना चावल दिये ,कितना राशन कार्ड बाटे, कितना पैसा खाता में पहुंचा अखबार के लिए ये सही है ।

3—निजी अस्पताल औऱ होटल को सरकार अपने कब्जे में ले —


हलात पिछले वर्ष राजेन्द्र नगर और कंकड़बाग डूबने जैसा ही कोरोना में भी होता जा रहा है।क्यों कि जिनके पास संसाधन भी है वो भी सरकारी व्यवस्था कि वजह से परेशान है ।


सरकार को तत्काल पटना के सभी बड़े अस्पताल और होटल को अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए और जो जिस तरीके से खर्च करने को तैयार है उन्हे उस तरह कि सुविधा सरकार उपलब्ध कराये क्यों कि एम्स के सहारे बिहार को संभालना मुश्किल है ।
अभी हो क्या रहा है जिनके पास इलाज कराने के लिए पैसे भी हैं वो इलाज नहीं करा पा रहे हैं। सबके सब सरकारी अस्पताल और ओइसोलेशन सेंटर के भरोसे है औऱ यही वजह है कि सरकार पर दबाव बढता जा रहा है।

4–टेस्ट का रफ्तार बढाये–
हलाकि कल सीएम बीस हजार रोजाना टेस्ट कराने का आदेश दिये हैं लेकिन अब ये ना काफी है टेस्ट को लेकर अब सरकार को पूरी छूट देनी चाहिए।


निजी लैब चलाने वाले को पूरी छूट दे दीजिए ऐसा भी नहीं है कि आपके बंदिश कि वजह से निजी क्लीनिंक वाले टेस्ट नहीं कर रहे हैं टेस्ट कर रहे हैं लेकिन रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं।

साथ ही ट्रू नेट मशीन का जब कोरोना के टेस्ट में उपयोग होने लगा है तो उसकी संख्या बढा दीजिए क्यों कि जब तक आप टेस्ट को लेकर संवेदनशील नहीं होगे कोरोना पर नियंत्रण नहीं हो पायेगा।
देखिए पटना और बिहार में आज जो कोरोना का विस्फोट हुआ है अध्ययन करवा लीजिए ये सारे के सारे ऐसे कोरोना मरीज से फैला है जिसमें कोरोना का कोई सिम्टम ही नहीं था इसलिए जांच अनिवार्य कर दीजिए और दिल्ली सरकार जैसे ऐंटीबर्डी वाला जो टेस्ट शुरु किया है वो बिहार में भी हो इसकी व्यवस्था करिए।

5–पटना को संभालना जरूरी है


पटना सुरक्षित रहेगा तभी आप बिहार को सुरक्षित रख सकते हैं क्यों कि आपकी सारी मशीनिरी पटना केन्द्रीत है ऐसे में पटना का खासा महत्व है पूरे बिहार के अधिकांश प्रखंड में केयर,यूनीसेफ और डब्लूएचओ का कर्मी काम कर रहा है इन लोगों के पास स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने का अच्छा खासा अनुभव है अभी भी बिहार के अधिकांश प्रखंड में कोरोना नहीं पहुंचा है ऐसे प्रखंड को चिंहित कर सारे कर्मी को पटना सिफ्ट कर दीजिए क्यों कि अब आपका डां और स्वास्थ्यकर्मी खुद बिमार पड़ने लगे हैं ऐसे में बेकअप नहीं रहेगा तो संभालना मुश्किल हो जायेगा ।

संतोष सिंह, कशिश न्यूज़, संपादक

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