बिहार में कोरोना की स्थिति विस्फोटक, सरकार सो रही : कांग्रेस

पटना | बिहार को कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को विस्फोटक बताते हुए कांग्रेस ने जांच में तेजी लाने और राज्य के कोरोना के लक्षण वाले सभी लोगों की जांच उनके घरों में जाकर करने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की स्वस्थ होने की दर में गिरावट आ रही है, जो चिंता का कारण है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने रविवार को कहा कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या में जहां लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं उनके स्वस्थ होने की दर में कमी आ रही है।

उन्होंने कहा कि शनिवार को बिहार में रिकवरी रेट (संक्रमितों के ठीक होने की दर) जहां 63.17 फीसदी थी वहीं शुक्रवार को 64,36 प्रतिशत थी।

कुमार ने कहा कि 12 जुलाई को यहां 73.31 फीसदी की दर से संक्रमित लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे थे, जबकि 13 जुलाई को रिकवरी रेट लुढ़ककर 70.97 फीसदी और 14 जुलाई को 69.06 प्रतिशत तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं कि रिकवरी रेट में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को बिहार का रिकवरी रेट 67.08 फीसदी था जबकि 14 जुलाई को यह दर लुढ़ककर 69.06 प्रतिशत तक आ पुहंचा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती है।

उन्होंने पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मरीजों के मिलने की दर कई राज्यों से उपर है। उन्होंने कहा कि अब जब परिस्थिति इतनी विषम हो गई है तब सरकार सिर्फ बंदी कर रही है।

उन्होंने कहा की अब जांच की संख्या बढ़ानी होगी और स्वास्थ्य विभाग को मजबूत करना होगा। उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सुरक्षित रहने की अपील की।

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