बिहार के 17 हजार पारा मेडिकल स्टूडेंट्स की गुहार,कोरोना काल में एग्जाम मत लो सरकार

पटना:- पारा मेडिकल की तैयारी कर रही 17 हजार स्टूडेंट्स पिछले कई दिनों से डर के साये में जी रही हैं. उन्हें हर पल इस बात का डर सता रहा है कि वो एग्जाम कैसे देंगी. कोई कैसे घंटों और सैंकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर पटना पहुंच पाएंगी? एक तो कोरोना का कहर. उपर से आने—जाने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. न तो ट्रेनें चल रही हैं और न ही आम दिनों की तरह बसें चल रही हैं. ऐसे में आएएनएम और जीएएनएम का एग्जाम पारा मेडिकल की स्टूडेंट्स कैसे देंगी?

यह सवाल इस कदर खड़ा हो गया है कि स्टूडेंट्स के साथ ही उनके पैरेंट्स भी सोंच—सोंच कर काफी परेशान हो रहे हैं. दरअसल, पटना स्थित बिहार नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने कोरोना महामारी के बीच में ही पारा मेडिकल एग्जाम का डेट जारी कर दिया है. आरएएनएम और जीएएनएम एग्जाम का एग्जाम 10 जुलाई से शुरू किए जाने की घोषणा कर दी गई है, जो 18 जुलाई तक दो पालियों में होगी. इसके लिए पटना में 11 एग्जामिनेशन सेंटर बनाए गए हैं.

8 जुलाई तक सभी 17 हजार स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड को भी वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा. अब सवाल यह उठ रहा है कि ये स्टूडेंट्स एग्जाम कैसे देंगी? पटना जिला को छोड़कर दूसरे और दूर—दराज के जिलों में रह रही अधिकांश स्टूडेंट्स के पास राजधानी पहुंचने का संसाधन नहीं है. ट्रेनें बंद हैं और बसों की कमी है. ध्यान देने वाली बात यह है कि कोरोना का कहर बिहार के सभी 38 जिलों में बरप रहा है.

एग्जाम देने वाली आरएएनएम और जीएएनएम स्टूडेंट्स के घर बफर जोन और कंटेनमेंट जोन वाले एरिया में है. ऐसे में प्रभावित एरिया में रह रही स्टूडेंट्स का घर से निकलना और एग्जाम देने के लिए पटना आना बेहद खतरनाक साबित होगा. एग्जाम के दौरान संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाएगा. एग्जाम देने वाली स्टूडेंट्स लगातार आवाज उठा रही हैं. वो बिहार सरकार तक अपनी बातों को पहुंचाने के लिए कई तरह की कोशिशें कर चुकी हैं.

स्टूडेंट्स की मांग है कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार उनके जीवन के साथ खिलवाड़ न करे. इस एग्जाम को हालात सामान्य होने तक टाला जाए. सितंबर या उसके बाद एग्जाम को लिया जाए. समस्तीपुर जिले के दुधपुरा गांव की रहने वाली शारदा के अनुसार इस संबंध में एक लेटर भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तक को लिखा गया है. लेटर को ईमेल के जरिए रविवार के दिन भेजा गया है. लेकिन अब तक इस मामले में सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

ऐसी स्थिति में अगर एग्जाम होता है तो फिर स्टूडेंट्स के संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ जाएगा. गौरतलब है कि कोरोना के फैलते संक्रमण को लेकर स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सहित तमाम तरह के शैक्षणिक कार्य बंद हैं. सभी प्रकार के एग्जाम को पहले ही कैंसिल किया जा चुका है. बावजूद इसके बिहार नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने आरएएनएम और जीएएनएम के एग्जाम का डेट और रूटीन जारी कर दिया.

Leave a Comment