बड़ी खबर ! सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट नियमों में किया संशोधन

इलेक्ट्रिक व्हीकल को बूस्ट देने के लिए सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट  में बदलाव किया है. केंद्रीय मोटर वाहन नियमों  में सरकार द्वारा जारी किए गए नए संशोधनों के तहत अगर कार टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस है या टायर रिपेयर किट है तो कार में स्पेयर टायर  रखने की जरूरत नहीं है. मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर किया गया है. कार में स्पेयर टायर नहीं होने पर ज्यादा जगह मिलेगी और इसमें एक बड़ी बैटरी रखा जा सकता है.

देश के कार्बन फुटप्रिंट में बढ़ोतरी के बीच केंद्र पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय कर रहा है. नए संशोधन से इलेक्ट्रिक व्हीकल की बड़ी बैटरी को खाली जगह में रखा जा सकता है जिससे व्हीकल की रेंज बढ़ाई जा सकेगी. देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदारों की सबसे बड़ी चिंता इसकी माइलेज को लेकर है.

गाड़ियों में एक अतिरिक्त टायर की आवाश्यकता को लेकर जरूरी बदलाव किए गए हैं. नए संशोधन के तहत वाहन में इन-बिल्ड टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम  को लेकर जरूरी नहीं है. कहा गया है कि अगर गाड़ी में कंपनियों द्वारा टायर मरम्मत किट और TPMS दिया जाता है तो ऐसे वाहनों में अतिरिक्त टायरों की आवश्यकता दूर हो जाती है और लोगों को अतिरिक्त टायर रखने की जरूरत नहीं है.

TPMS चालक को टायर प्रेशर के बार में बता देता है और आपको चेतावनी देता है कि खराब टायर में गाड़ी चलाना खतरनाक साबित हो सकता है. TPMS लो टायर प्रेशर इंडिकेटर एक पीला प्रतीक है जो डैशबोर्ड इंस्ट्रूमेंट पैनल पर सिग्नल देता है.

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