जिसके किस्सों का ढिंढोरा पूरा देश पिटता है , आज उसका परिवार इलाज़ के लिए मोहताज़ है : दशरथ मांझी

माउन्टेन मैन दशरथ माँझी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं ! अपनी मुहब्बत की पराकाष्ठा के लिए छेनी और हथौड़ी से पहाड़ काटकर रास्ता निकाल देने वाले दशरथ माँझी हमेशा हमारी यादों में रहेंगे ! उन पर फिल्म भी बनी जिसे दर्शकों ने बहुत पसन्द किया ! उनके नाम पर सड़क से लेकर अस्पताल और थाने तक बनाए गए हैं ! जिस समय वह प्रकाश में आए सरकार से लेकर कई बड़ी संस्थाएँ उनकी तारीफ के पूल बाँध रहे थे ! उन्हें मदद देने हेतु कई घोषणाएँ भी हुईं लेकिन इन सबके बावजूद आज दशरथ माँझी के घर में दुखों का अंबार सा लगा है और उनका सुध लेने वाला कोई नहीं है !

दशरथ माँझी के बेटे भगीरथ माँझी ने बताया कि उनलोगों को अब तक कोई भी सरकारी लाभ नहीं मिला है ! उन्हें अब तक इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला जिसके कारण पूरे परिवार को भूसे के घर में रहना पड़ता है ! उन्हें जो वृद्धा पेंशन मिलता था उसे भी बन्द करवा दिया गया ! बॉलीवुड के निर्देशकों ने फिल्म बनाते समय फिल्म की रॉयलिटी देने की बात कही थी लेकिन वह बात भी आज तक खोखली हीं निकली है !

भगीरथ तमिलनाडु में काम कर रहे थे , कोरोना की परिस्थिति में देश में लगे लॉकडाउन के बाद वह अपने घर चले आए थे ! यहाँ आने के बाद अब तक उन्हें कोई भी काम नहीं मिला है जिससे उनका गुजारा हो सके ! उसी बीच कुछ दिन पूर्व उनकी दो वर्षीय बच्ची सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई जिसमें उसे बहुत चोटें आई हैं ! एक हाथ और एक पैर भी टूट गया है !

दो वर्षीय नातीन के इलाज के लिए सभी परिवारवालों ने गाँव के हीं कुछ लोगों से कर्ज लेकर उसका इलाज करवाया है लेकिन उनके पास आगे के इलाज के लिए कुछ भी पैसे नहीं हैं ! इस स्थिति में परिवार के सदस्य सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं !

भगीरथ माँझी कहते हैं कि पिताजी के नाम पर कई सड़कें , अस्पताल , थाना व अन्य चीजें बना दी गईं पर हमलोगों को सरकार से कोई भी लाभ नहीं मिला है ! कोरोना के कारण मेरा काम भी छूट गया ! बारिश ना होने से धान रोपण का कार्य भी नहीं हो रहा ! ऐसी परिस्थिति में हमारे पास एक भी रूपया नहीं है जिससे हम अपनी बच्ची का इलाज करा सकें ! अभी तक 50 हजार से भी अधिक पैसे बच्ची के इलाज में लग चुके हैं ! वे सारे पैसे कर्ज के हैं ! इसलिए हमलोगों ने सरकार से मदद की अपील की है !

अपने कृत्यों से दशरथ माँझी पूरे देश में प्रचलित तो हुए लेकिन सरकार से लेकर तमाम संस्थाएँ उन्हें मदद देने के बजाय दिखावा किया ! सड़क , अस्पताल और थाने का नाम दशरथ माँझी के नाम पर कर देना उनके परिवार को भूख और लाचारी से नहीं उबारेगा ! आज जब एक बार पुन: सरकार से मदद की गुजारिश की गई है उम्मीद करते हैं सरकार इस ओर अवश्य ध्यान देगी और उन्हें कुछ ना कुछ मदद मिल सकेगी !

News Written By- Vinayak Suman

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