कुछ तो अच्छा हुआ! 4 साल पहले खो गया था बेटा, कोरोना के चलते मिले मां-बेटे

हाल ही में, आंध्रप्रदेश ने अनाथ और सड़क पर रहने वाले बच्चों की COVID-19 स्क्रीनिंग के लिए पूरे राज्य में एक मुहीम चलाई. इस मुहीम ने चार साल से बिछड़े एक मां-बेटे को मिलाने का काम किया है. दरअसल, इस दौरान अधिकारियों को बिहार के 10 बच्चे भी मिले, जिन्हें बंधुआ मज़दूर के रूप में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा था. यह आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन मुस्कान COVID-19’ शुरू करने के दो दिन बाद हुआ.

पश्चिम गोदावरी जिले के पालाकोलु के एक निवासी बोब्बा श्री ललिता ने अपने दूसरे बेटे श्रीनिवास के जन्म के बाद अपने पति को खो दिया. अपने बच्चों का पेट पालने के लिए इस मां को कूड़ा बीनने तक का काम करना पड़ा.

IANS के अनुसार, श्रीनिवास घर से भाग गया और 2016 में विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया. रेलवे पुलिस ने उसे वहां से बचाया और विजयवाड़ा के चाइल्ड केयर सेंटर में ट्रान्सफ़र कर दिया, तब से वो यहीं था. ऑपरेशन मुस्कान के दौरान, श्रीनिवास ने अधिकारियों को बताया कि वह पश्चिम गोदावरी जिले के पलाकोलू का निवासी है. जिसके बाद अधिकारियों ने उसे अपनी मां से मिलवाने का फैसला किया.

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