अस्पताल के बाहर पर मदद की गुहार लगाता रहा बेटा, जमीन पर पड़ी मां

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक मामला सामने आया है. जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही के कारण एक महिला की मौत हो गई. ये घटना 30 जून की है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया.दरअसल, सड़क हादसे में घायल एक बेटा अपनी मां को लेकर बाइक पर लादकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर पहुंचा. महिला को गेट पर लिटाकर उसका बेटा डॉक्टरों को बुलाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चक्कर लगाता रहा.

लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की. जिसके कारण महिला की मौत हो गई.

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है की जानकारी मिलने के बाद मेडिकल स्टाफ के जरिए महिला को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भेजा गया था, लेकिन उसकी मौत हो गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमा अब सफाई देने में जुटा हुआ है.

सड़क हादसे में घायल हुई थी महिला

मृतक महिला का नाम मुन्नी देवी है जो चरखरा गांव की रहने वाली है. 62 साल की महिला को उसका बेटा सोनू सिंह फर्रुखाबाद लेकर जा रहा था, लेकिन रास्ते में वह हादसे का शिकार हो गया. जिसमें उसकी मां घायल हो गई. बेटे ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन वो नहीं आई, जिसके बाद वो पैदल ही अपनी मां को गोद में लेकर अस्पताल के लिए चल निकला.रास्ते में एक बाइक सवार उसे सवायजपुर स्वास्थ्य केंद्र तक ले आया. जब यह लोग सरकारी अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल का मुख्य गेट बंद था. जिसके बाद महिला का बेटा अस्पताल परिसर में डॉक्टरों को बुलाता रहा, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी मेडिकल स्टाफ उसे देखने नहीं पहुंचा.

करीब एक घंटे बाद मेडिकल स्टाफ का एक व्यक्ति पहुंचा. उसने एंबुलेंस में महिला को जिला अस्पताल भिजवा दिया. यहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया. डॉक्टरों के न पहुंचने और अस्पताल गेट पर कुछ ही देर में मौत होने की इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

सफाई देने में जुटा स्वास्थ्य महकमा

घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरे मामले में सफाई देने में जुटा हुआ है. स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि मरीज अस्पताल के बंद होने के बाद पहुंचा था. अस्पताल का मुख्य गेट बंद रहता है, जबकि पीछे की तरफ के रास्ते से मरीजों को देखा जाता है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लड़का उस गेट तक नहीं पहुंच सका, जिसके कारण मेडिकल स्टाफ को जानकारी नहीं हुई और पहुंचने में देरी हुई. स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि जानकारी होने के बाद महिला को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया था जहां उसकी मौत हो गई.

(सांकेतिक तस्वीर)

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