भाजपा के वर्चुअल रैली आयोजन को कांग्रेस नेता ललन ने असवेदनशीला का प्रमाण बताया…

नरेन्द्र मोदी सरकार के छह वर्ष पूरा होने पर जश्न मनाने और सोशल मीडिया के जरिए वर्चुअल रैली के आयोजन को भाजपा के नेताओं की असवेदनशीला का प्रमाण बताया है। कांग्रेस नेता ललन कुमार ने बुधवार को यहां कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर 2 लाख संक्रमित 217 लोगो की मौत जबकि बिहार में अबतक लगभग चार हजार लोग कोरोना से संक्रमित है और 24 लोगों की मोत हो चुकी है तथा लॉक डाउन की वजह से सडक़ और ट्रेन हादसे मे 80 श्रमिको की मौत हुई है । इस तरह की स्थिति में मोदी सरकार के छह साल पूरे होने पर जक्षन मनाने तथा क्षीण अमित शाह की वर्चुअल रैली करने का फैसला जनता खासकर गरीबों क्षमिको के प्रति उसके असंवेदनशील होने का प्रमाण है।

लालन कुमार ने भाजपा से पूछा कि आखिर किस बात का वह जक्ष मनाना चाहती है। पिछले छह वषो मे देश में सरकार के फैसलों से गरीबी ,मजदूरों, किसानो, छात्रों, मध्यम वर्ग ,निम्न मध्यम वर्ग के लोगो पर लगातार चोट किया गया है। मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ी है तथा आम लोगों को अनेकों कठिनाई का सामना करना पड़ा है क्या? अमित शाह समेत उसके अन्य नेता वर्चुअल रैली के माध्यम ऐसे लोगो की तकलीफों पर नमक छिडक़ना चाहते है।

ललन कुमार ने कहा कि भाजपा नेताओं को ऐसी महामारी से उत्पन्न सिथति में राजनीतिक भाषणों के बजाय बिहार के गरीबों, प्रवासी श्रमिको,बेरोजगार युवकों के रोजगार के उपाय- प्रबंध और उनके खाते में तत्काल 10 हजार रूपये भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए थी।उन्होंने कहा कि लोगों की तकलीफें कम करने के बजाए जक्ष मनाना और भावी चुनाव को ध्यान में रखकर भाषणबाजी को लोग अब बर्दाशत नहीं करने वाली हैं