प्रधानमंत्री के अपील के बावजूद भी लॉकडाऊन में लाखों लोग हुए बेरोजगार,जीवन गुजारने का संकट खड़ा हुआ-ललन

युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में अपील की थी कि कोई भी किसी को नौकरी से नहीं हटाये और वेतन मत रोके।परन्तु पिछले दो महीने में कई निजी संस्थाएं, कम्पनियों, एजेंसियों व अन्य ने अपने कर्मचारियों को हटा दिया। अप्रैल को कौन कहे मार्च महीने में जिसमे 20 दिनों तक कार्य भी किया उसका वेतन नहीं दिया गया। सैकड़ों नहीं लाखों लोग बेरोजगार हो गए है,उनके समक्ष अब जीवन गुजारने का संकट खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने कोई ऐसा नम्बर या ऐप नहीं जारी किया है, जिसपर हटाये गए या जिन्हें वेतन नहीं मिला है वो शिकायत कर सकें।

ललन ने कहा कि बिहार में पटना और अन्य जगहों पर इन सब के साथ काम कर रहे कर्मचारियों को मार्च अप्रैल महीने का वेतन तो दिया नहीं गया ,काम से हटाने की सूचना दे दी। यहां काम कर रहे लोग अब इस लॉकडाउन में आखिर क्या करे इन्हें समझ नहीं आ रहा है। राज्य सरकार ने भी कोई नम्बर या ऐप जारी नहीं किया है जो शिकायत कर सके। इस सच्चाई से भी मुह नही मोड़ा जा सकता है कि कई निजी संस्थानों का लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।

केंद्र सरकार व राज्य सरकार भी इस दिशा में कारगर कदम उठाए ताकि इन लोगो की नौकरी और व्यवसाय बच सके और इन्हें भी लॉकडाउन अवधि का वेतन मिल सके। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से इस सम्बंध में अविलंब कोई निर्णय लेने की मांग की है और सरकार के स्तर पर कोई नम्बर और ऐप जारी करने की मांग की है,ताकि पीडि़त जानकारी दे सके। जिससे उनकी समस्या सरकार के स्तर से समाधान हो सके और देश और राज्य में एक और बेरोजगारी के फौज खड़ी न हो सके।