दिल्ली से बिहार लौट रहा था युवक, रास्ते में हुआ प्यार, दुल्हन के साथ वापस घर लौटा

कोरोना को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की हालत की मार्मिक तस्वीरों ने पूरी दुनिया को आहत कर दिया. लेकिन इसी दौरान कुछ ऐसे वाकये भी हुए जिससे जिंदगी में रंग भर गये. सीतामढ़ी के सलमान के साथ भी ऐसा ही हुआ. लॉकडाउन के दौरान जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में सलमान पैदल ही दिल्ली से बिहार के लिए निकला था. लेकिन रास्ते में उसे जीवन की हमसफर मिल गयी।

लॉकडाउन की लव स्टोरी


दरअसल बिहार के सीतामढी का निवासी सलमान पूरे परिवार के साथ दिल्ली में रहता था. दैनिक मजदूरी के सहारे ही उसके परिवार का खर्च चलता था. लॉकडाउन में जब रोजी रोटी छिन गयी तो सलमान अपने परिवार के साथ पैदल ही घर के लिए निकल गया. उसके बाद का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. सफर में मुश्किलें तो बहुत आयीं लेकिन फिर ऐसा कुछ हुए कि पूरी जिंदगी ही बदल गयी।

सलमान के परिजनों ने बताया कि पिछले 18 मई को शुरू हुआ को वह अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली से बिहार के सीतामढ़ी के लिए रवाना हुआ था. एक दिन के सफर के बाद सलमान और उसके परिवार ने हरियाणा के पलवल और वल्लभगढ़ के बीच रात गुजारने के लिए शरण ली. वहीं उसके पिता के एक मित्र मिल गए जो अपने परिवार के साथ बिहार वापस लौट रहे थे. पिता के मित्र के साथ उनकी बेटी शहनाज भी थी. चूंकि पहले से दोस्ती थी लिहाजा दोनों परिवारों ने तय किया कि साथ-साथ ही बिहार तक का रास्ता तय करेंगे.

सफऱ लंबा था. साथ में चल रहे दोनों परिवारों का खाना-पीना, रहना और रूकना सब साथ ही हो रहा था. इस बीच सलमान और शहनाज की भी एक-दूसरे के करीब आते गये. सफर में दोनों के बीच बातचीत लगातार बढती गयी. पैदल सफर के दौरान ही दोनों परिवार आगरा पहुंचे. रात्रि विश्राम के दौरान शहनाज ने सलमान से ताजमहल दिखाने का गुजारिश की. इसके बाद सलमान शहनाज को ताजमहल के पास लेकर गया. दोनों की प्रेम कहानी आगे बढ गयी थी.

प्यार के बीच तकरार


लेकन कुछ दिन के सफर के बाद ही दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया. उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाद सलमान और शहनाज के परिवारों के बीच तू-तू मैं-मैं शूरू हुई. गोरखपुर पहुंचते पहुंचते विवाद बढ गया. ऐसे में दोनों परिवारों ने अलग अलग रास्ता तय करने का फैसला लिया. सलमान और शहनाज को लगा कि उनकी प्रेम कहानी अब अधूरी रह जायेगी. लिहाजा सलमान ने अब्बू से साफ साफ अपने दिल की बात कह दी. उधर शहनाज ने भी अपने पिता को अपने मन की बात कही. फिर दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और तय हुआ कि दोनों का निकाह करा दिया जाये.